वैज्ञानिकों ने डीएनए की मदद से बनाया निएंडरथाल का परिवार
२० अक्टूबर २०२२करीब 54000 साल पहले निएंडरथाल मानव का यह परिवार साइबेरिया की एक गुफा में रहता था. बुधवार को नेचर जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट निएंडरथाल समुदाय के सामाजिक जीवन के बारे में है. यह रिपोर्ट डीएनए सीक्वेंसिंग का इस्तेमाल कर बनाई गई है. रिपोर्ट बताती है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में गुफा से ज्यादा बाहर जाती थीं.
पुरानी पुरातात्विक खोजों ने दिखाया है कि निएंडरथाल मानव जितना सोचा गया था उससे कहीं ज्यादा उन्नत और कुशल था. वे लोग मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार करते थे और उनके हथियार और गहने काफी बेहतर थे. हालांकि उनके परिवार की संरचना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. यह भी नहीं पता था कि उनका समुदाय कैसे विकसित हुआ.
2010 में पहले निएंडरथाल जीनोम की सीक्वेंसिंग स्वांते पेबो ने तैयार की. पेबो को इस साल चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. उनकी खोज ने हजारों साल पहले लुप्त हो चुके इंसान के पूर्वजों के बारे में खोज करने का एक नया तरीका दिया है.
रिसर्चरों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने दक्षिणी साइबेरिया के चागरिस्काया और ओकलादनिकोव की गुफाओं में मिले निएंडराथल जीवाश्मों पर फोकस किया है. जगह जगह फैले हड्डियों के टुकड़े पृथ्वी की एक ही परत में मिले थे. इससे पता चलता है कि निएंडरथाल एक ही समय में रहे थे.
निएंडरथाल परिवार
जर्मनी की माक्स प्लांक इंस्टीट्यूट की इवोल्यूशनरी जेनेटिसिस्ट और रिसर्च रिपोर्ट के सहलेखकों में एक श्टेफाने पेयरेग्ने ने बताया, "पहले तो हमें यह पता लगाना था कि हमारे पास कितने लोग (निएंडरथाल) हैं." टीम ने नई तकनीकों का इस्तेमाल कर हड्डियों के टुकड़ों से प्राचीन डीएनएन को अलग किया. डीएनए की सीक्वेंसिंग करने से यह पता चला कि कुल 13 निएंडरथाल थे. इनमें सात पुरुष और छह महिलाएं. समूह में शामिल पांच निएंडरथाल बच्चे थे. इनमें से 11चागरिस्काया गुफा में थे और उनमें कई एक ही परिवार के थे. इनमें एक बाप और उसकी किशोरी बेटी, एक बच्चा और उसकी रिश्तेदार और जो चचेरी बहन, चाची या फिर दादी भी हो सकती है.
रिसर्चरों ने पता लगाया है कि एक शख्स जो पिता रहा होगा उसकी मां की तरफ का भी कोई रिश्तेदार था. रिसर्चरों को उसमें हेट्रोप्लाज्मी जेनेटिक गुण मिला है जो कई पीढ़ियों के बाद एक से दूसरे में जाता है. माक्स प्लांक इंस्टीट्यूट के बेन्यामिन पेटर का कहना है, "हमारी स्टडी निएंडरथाल समुदाय कैसा दिखता होगा इसकी पुख्ता तस्वीर दिखा रही है. मेरे लिए अब निएंडरथाल काफी हद तक मानव है."
जेनेटिक विश्लेषण यह दिखाता है कि इस समूह के सदस्य आमतौर पर इंसानों और डेनिसोवैंस जैसे आदिमानवों के साथ सहवास नहीं करते थे. इन सब के जीवाश्म कुछ सौ किलोमीटर के दायरे में मिले हैं. हालांकि कुछ रिसर्च निएंडरथाल के होमो सेपियंस से सहवास की पुष्टि कर रहे हैं और इस बारे में हाल ही में पुख्ता जानकारी मिली है. इसके आधार पर यह भी कहा जा रहा है कि आधुनिक मानव की हर प्रजाति में कुछ हिस्सा निएंडरथाल का भी है.
पुरुष घर में महिलाएं बाहर
10-20 निएंडरथालों का जो समूह मिला है वह आपस में ही सहवास करके बच्चे पैदा करता था. उनके जीनों में ज्यादा विविधता नहीं मिली है. निएंडरथाल 430,000 से 40,000 साल पहले तक धरती पर मौजूद थे. इसका मतलब है कि यह समूह निएंडरथाल के खत्म होने से कुछ ही समय पहले के जीवों का है.
रिसर्च में समुदाय के स्तर पर निएंडरथाल के अंतःप्रजनन की तुलना की पहाड़ी गोरिल्लों के अंतःप्रजनन से की गई है. निएंडरथाल के अंतःप्रजनन की एक वजह यह भी है कि वो अलग थलग इलाकों में रहते थे.
रिसर्चरों ने देखा कि वाई क्रोमोसोम जो पिता से पुत्र में आते हैं, वो मां से आने वाले माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए की तुलना में कम असमान थे. इससे पता चलता है कि महिलाएं ज्यादा बाहर जाती थीं, निएंडरथाल के अलग अलग समूहों से मिलतीं और प्रजनन करती थीं, जबकि पुरुष ज्यादातर घर पर रहते थे.
फ्रांस की नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री से जुड़े वैज्ञानिक एंटोइन बाल्जे कहते हैं कि स्पेन की सिड्रोन गुफा में मिले नये जीवाश्म बताते हैं कि इसी तरह का एक निएंडरथाल समुदाय यहां भी था लेकिन उनके जेनेटिक मैटेरियल बहुत कम हैं.
एनआर/ओएसजे (एएफपी, डीपीए)