खेलगांव से खिलाड़ी खुश
२८ सितम्बर २०१०न गंदगी दिखी न डेंगू का डर. न इंतजामों से कोई शिकायत. अब कुछ है तो बस होठों पर तारीफ और दिल में सकून. कॉमनवेल्थ गेम्स के एक शानदार खेलगांव ने खिलाड़ियों को खुश कर दिया है. ऑस्ट्रेलियाई एथलीटों का नेतृत्व कर रहे मैराथन के पूर्व विजेता स्टीव मोनघेट्टी ने कहा, "पिछले 25 सालों में मैं जितने भी खेलगांव में गया उन सबमें ये सबसे शानदार है." ऑस्ट्रेलियाई प्रेस अधिकारी जॉन गेटफिल्ड ने ये जानकारी दी.
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का पहला दस्ता सोमवार तड़के सुबह दिल्ली पहुंचा और फिर खेलगांव में दाखिल होते ही उनका सारा डर दूर हो गया. खेलगांव का चक्कर लगाने के बाद गेटफिल्ड ने कहा "सभी खिलाड़ी काफी खुश हैं क्योंकि कमरे काफी बड़े और आरामदायक हैं, खाना बहुत अच्छा मिला और सुविधाएं बेहतरीन हैं." जब डेंगू के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था, " जब मच्छर ही नहीं तो डेंगू कहां से होगा अगर आप अपना ख्याल रख सकते हैं तो बीमार नहीं होंगे."
केन्याई खिलाड़ियों के कैप्टेन ने भी गेटफिल्ड की राय से सहमति जताई. जोनाथन कोस्की ने कहा, "हम दूसरे देशों में भी खेलने के लिए जाते रहे हैं. कई देशों में इंतजाम बहुत खराब होते हैं लेकिन यहां तो सब कुछ शानदार है. यहां की सुविधाओं से हम बहुत खुश हैं यही वजह है कि हम यहां आए हैं." गंदगी के बारे में पूछे जाने पर कोस्की ने कहा "हर घंटे चीजें बेहतर हो रही हैं और हमें कोई शिकायत नहीं."
नॉरफॉक आईलैंड के बाद स्कॉटलैंड दूसरा देश रहा जिसने सोमवार को खेलगांव में एक समारोह में अपना झंडा लहरा दिया. नीली सफेद जर्सी पहने खिलाड़ियों ने इस छोटे मगर बेहतरीन आयोजन को खूब लुत्फ उठाया. खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए दो स्कूलों के छात्र वहां आए. बच्चों ने खिलाड़ियों के स्वागत में संगीत, नाच और रंगो से भरा शानदार कार्यक्रम दिखाया उनके हर कार्यक्रम पर खूब तालियां बजी. स्कॉटलैंड की हॉकी खिलाड़ी लेह फॉसेट ने कहा "ये अद्भुत था. समरोह में उड़े गुलालों से खूब मजा आया."
रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन
संपादनः ए जमाल